दिवाली क्यों मनाई जाती है? बच्चों के लिए आसान जानकारी
दिवाली, यानी रोशनी का त्योहार, भारत और दुनिया भर में बसे भारतीय परिवारों का सबसे बड़ा उत्सव है। घर दीयों से जगमगाते हैं, रंगोली सजती है और मिठाइयाँ बँटती हैं। आइए बच्चों को आसान भाषा में बताएँ कि दिवाली क्यों मनाई जाती है।
दिवाली की कहानी
सबसे प्रसिद्ध कथा के अनुसार, भगवान राम चौदह वर्ष के वनवास और रावण पर विजय के बाद सीता और लक्ष्मण के साथ अयोध्या लौटे थे। उनके स्वागत में अयोध्या के लोगों ने पूरे नगर में दीये जलाए। तभी से दिवाली बुराई पर अच्छाई और अंधकार पर प्रकाश की जीत का प्रतीक है।
अलग-अलग क्षेत्रों और समुदायों में दिवाली से जुड़ी और भी कथाएँ हैं, जैसे देवी लक्ष्मी की पूजा और भगवान कृष्ण द्वारा नरकासुर पर विजय।
दिवाली के पाँच दिन
- धनतेरस – नए बर्तन या सामान ख़रीदने की परंपरा।
- नरक चतुर्दशी या छोटी दिवाली।
- दिवाली – लक्ष्मी पूजा और दीपों का मुख्य दिन।
- गोवर्धन पूजा या अन्नकूट।
- भाई दूज – भाई-बहन के प्रेम का दिन।
दिवाली की परंपराएँ
- घर की सफ़ाई और सजावट।
- दीये और रंगोली।
- नए कपड़े और मिठाइयाँ।
- परिवार और दोस्तों से मिलना।
- ज़रूरतमंदों की मदद करना।
सुरक्षित और पर्यावरण-अनुकूल दिवाली
पटाखों से प्रदूषण और शोर होता है, जो पालतू जानवरों और बुज़ुर्गों के लिए भी परेशानी है। बच्चे मिट्टी के दीये सजाकर, फूलों और प्राकृतिक रंगों से रंगोली बनाकर और मिठाइयाँ बाँटकर भी उतनी ही ख़ुशी से दिवाली मना सकते हैं। दीये जलाते समय हमेशा बड़ों की निगरानी में रहें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
दिवाली कब मनाई जाती है?
कार्तिक मास की अमावस्या को, जो आम तौर पर अक्टूबर या नवंबर में पड़ती है।
दिवाली पर दीये क्यों जलाते हैं?
दीये अंधकार पर प्रकाश और बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक हैं।
क्या दिवाली सिर्फ़ भारत में मनाई जाती है?
नहीं, नेपाल, सिंगापुर, मलेशिया, अमेरिका, ब्रिटेन समेत कई देशों में मनाई जाती है।
Image: Ara Basu / Wikimedia Commons, CC BY-SA 4.0
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