मोर का घमंड – जंगल की कहानी
मोर का घमंड — जंगल की हिंदी कहानी: घमंडी मोर और समझदार सारस। बच्चों के लिए घमंड पर नैतिक कहानी।
एक जंगल में एक सुंदर मोर रहता था। उसके रंग-बिरंगे पंख सबको अच्छे लगते थे, पर उसे अपनी सुंदरता पर बहुत घमंड था।
एक दिन उसने एक सारस को देखा और हँसकर कहा, “तुम्हारे पंख कितने सादे और भूरे हैं! मेरे पंख देखो, कितने चमकदार हैं।” सारस मुस्कुराया पर कुछ नहीं बोला।
फिर सारस ने अपने बड़े पंख फैलाए और ऊँचा उड़ गया, बादलों के पार, पहाड़ों के ऊपर। मोर ने भी उड़ने की कोशिश की, पर वह बस पेड़ की निचली डाल तक ही पहुँच पाया।
नीचे आकर सारस बोला, “तुम्हारे पंख सुंदर हैं, पर मेरे पंख मुझे आसमान तक ले जाते हैं। हर किसी में कोई ख़ास गुण होता है।” मोर शर्मिंदा हुआ और उस दिन से उसने किसी का मज़ाक नहीं उड़ाया।
सीख (Moral of the Story)
हर किसी में कोई न कोई गुण होता है; घमंड करना अच्छा नहीं।
English Summary
A proud peacock mocks a crane for its plain brown feathers. The crane spreads its wings and soars high above the clouds, while the peacock can only reach a low branch. The crane explains that everyone has their own special gift, and the peacock learns humility.
शब्दावली (Vocabulary)
- मोर (mor) – peacock
- सारस (sāras) – crane
- पंख (pankh) – feather / wing
- सुंदर (sundar) – beautiful
- घमंड (ghamanḍ) – pride / arrogance
- उड़ना (uṛnā) – to fly
Image: Panji Gusti Akbar / Wikimedia Commons, CC BY-SA 4.0
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