उल्लू की रात की सैर – सोने की कहानी
उल्लू की रात की सैर — बच्चों के लिए रात की हिंदी कहानी: छोटा उल्लू पीहू अँधेरे से डरना छोड़ देता है।
पीहू एक छोटा उल्लू था। सभी उल्लू रात में घूमते हैं, पर पीहू को अँधेरे से डर लगता था। “पापा, अगर अँधेरे में राक्षस हुए तो?” वह पूछता।
एक रात पापा उल्लू बोले, “चलो, मैं तुम्हें दिखाता हूँ कि रात में क्या होता है।” पीहू ने पापा का पंख कसकर पकड़ा और दोनों घोंसले से बाहर निकले।
उन्होंने झींगुरों को गाना गाते सुना, तालाब में मेंढकों की टर्र-टर्र सुनी, और रात की रानी के फूलों की ख़ुशबू ली। आसमान में तारे ऐसे चमक रहे थे जैसे किसी ने चमकी बिखेर दी हो।
“राक्षस कहाँ हैं, पापा?” पीहू ने पूछा। “वे सिर्फ़ हमारी कल्पना में होते हैं,” पापा मुस्कुराए। उस रात पीहू थोड़ी दूर अकेले भी उड़ा, और उसे समझ आया कि रात तो अजूबों से भरी है।
सीख (Moral of the Story)
जिससे डरते हैं, उसे जान लें, तो डर छोटा हो जाता है।
English Summary
Peehu, a baby owl, is afraid of the dark. His father takes him on a night flight to hear crickets and frogs, smell night-blooming jasmine and see the glittering stars. Finding no monsters, Peehu flies a little on his own and discovers the night is full of wonders.
शब्दावली (Vocabulary)
- उल्लू (ullū) – owl
- घोंसला (ghonslā) – nest
- झींगुर (jhīngur) – cricket
- मेंढक (menḍhak) – frog
- तालाब (tālāb) – pond
- कल्पना (kalpanā) – imagination
Image: MathKnight / Wikimedia Commons, CC BY-SA 4.0
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